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अवैध रेत परिवहन पर एसडीएम की बड़ी कार्रवाई, 9 डंपर पकड़े

जाजमखेड़ी फाटे पर सुबह-सुबह लगती है अवैध रेत से भरे डंपरों की कतार...कार्यवाही से रेत कारोबारियों में हड़कंप..



रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मनावर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए जाजमखेड़ी फाटे से अवैध रेत से भरे 9 डंपरों को पकड़कर कार्यवाही की है। एसडीएम प्रमोद गुर्जर के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस अमले ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए इन वाहनों को थाने पहुंचाया, जहां नियमानुसार कार्यवाही की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जाजमखेड़ी फाटे पर सुबह होते ही रेत से भरे डंपरों की कतार लगने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम प्रमोद गुर्जर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पटवारी धनसिंह मंडलोई, रोहित जायसवाल तथा पुलिस थाने से ललित कुमरावत की टीम मौके पर पहुंची और कार्यवाही करते हुए 9 डंपरों को पकड़ा।

प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से बेखौफ होकर क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ रहे डंपर चालकों और रेत कारोबारियों के लिए यह कार्यवाही बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।

*क्या राजसात तक पहुंचेगी कार्रवाई?* सूत्रों के अनुसार यदि पकड़े गए वाहनों में अवैध खनन अथवा बिना वैध अनुमति/रॉयल्टी के रेत परिवहन पाया जाता है तो प्रकरण में नियमानुसार केवल चालानी कार्यवाही तक मामला सीमित नहीं रहने की संभावना है। परिस्थितियों और जांच के आधार पर राजसात सहित अन्य वैधानिक कार्यवाही भी हो सकती है।

बारिश के मौसम में अवैध खनन एवं रेत परिवहन को लेकर प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जाजमखेड़ी फाटे पर सुबह-सुबह इतनी बड़ी संख्या में रेत से भरे डंपर आखिर कहां से पहुंच रहे हैं और इनके पास रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज हैं या नहीं?

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*खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल* मनावर क्षेत्र में राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद जिला खनिज विभाग की भूमिका को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जाजमखेड़ी फाटे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में रेत से भरे वाहन खड़े होते हैं, तो संबंधित खनिज विभाग की निगरानी और कार्रवाई प्रभावी क्यों नहीं दिखाई देती?
हालांकि, खनिज विभाग के अधिकारियों पर लगाए जा रहे किसी भी प्रकार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में विभाग की सक्रियता और नियमित जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

*सुबह होते ही दिखता है ‘रेती मंडी’ जैसा नजारा* स्थानीय लोगों के अनुसार जाजमखेड़ी फाटे पर सुबह होते ही रेत से भरे डंपरों की कतारें दिखाई देने लगती हैं। मनावर-बड़ौदा स्टेट हाईवे से जुड़े इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारी वाहनों के खड़े रहने से स्थानीय लोगों के बीच लंबे समय से चर्चा बनी हुई है।

अब एसडीएम प्रमोद गुर्जर की कार्रवाई के बाद लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस अभियान को आगे भी लगातार जारी रखता है या कार्यवाही केवल एक-दो दिनों तक सीमित रहती है।

*एक कार्रवाई के बाद फिर लौट आती है पुरानी व्यवस्था?* मनावर क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय-समय पर कार्रवाई तो होती है, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। लोगों की मांग है कि यदि अवैध रेत परिवहन हो रहा है तो लगातार निगरानी, नियमित जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।

फिलहाल 9 डंपरों पर हुई कार्यवाही को प्रशासन की ओर से अवैध रेत परिवहन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इन वाहनों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई होती है और जाजमखेड़ी फाटे पर लगने वाली कथित ‘रेती मंडी’ पर प्रशासन का शिकंजा कितनी प्रभावी ढंग से कायम रहता है।

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